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गोंड समाज: गोंडी भाषा, गोत्र और विवाह
गोंड, जो खुद को कोइतूर कहते हैं, भारत के सबसे बड़े आदिवासी समाजों में से एक हैं। इस पेज पर गोंडी भाषा, गोत्र और सगा व्यवस्था, और गोंड विवाह-नियमों की मूल बातें स्रोतों के साथ दी गई हैं, और हमारे विस्तृत हिंदी लेखों के लिंक भी।
गोंड कौन हैं
गोंड मध्य भारत का एक अनुसूचित जनजाति समाज है। अपनी भाषा में गोंड खुद को कोइतूर कहते हैं। 2011 की जनगणना में एक करोड़ से ज़्यादा लोग गोंड गिने गए। ज़्यादातर गोंड मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में रहते हैं, उसके बाद महाराष्ट्र और ओडिशा में, और तेलंगाना व दूसरे राज्यों में भी बड़ा गोंड समाज है।
समाज की कई शाखाएँ (उप-जनजातियाँ) हैं, जैसे राज गोंड, माड़िया, मुरिया और धुर गोंड। हर शाखा में कई गोत्र होते हैं, जिन्हें कूर भी कहा जाता है।
कई सदियों तक, 18वीं सदी तक, मध्य भारत में गोंड राजाओं के राज्य रहे, जिनमें गढ़ा-मंडला, देवगढ़, चाँदा और खेरला शामिल हैं। गढ़ा की रानी दुर्गावती, जिन्होंने 1564 में मुग़ल सेना से लड़ते हुए प्राण दिए, पूरे समाज में याद की जाती हैं। बिंदुओं और रेखाओं से बनी गोंड चित्रकला आज देश-विदेश में जानी जाती है।
गोंडी भाषा
गोंडी एक द्रविड़ भाषा है। यह उसी भाषा-परिवार की है जिसके तेलुगु, तमिल और कन्नड़ हैं, जबकि यह भारत के बीचोंबीच, हिंदी और मराठी जैसी भाषाओं के बीच बोली जाती है।
- बोलने वाले: 2011 की जनगणना में 30 लाख से कम लोगों ने गोंडी को अपनी मातृभाषा बताया, जो गोंड समाज की संख्या से बहुत कम है। कई गोंड परिवार घर में हिंदी, छत्तीसगढ़ी, मराठी, तेलुगु या ओड़िया बोलते हैं।
- बोलियाँ: गोंडी क्षेत्र-क्षेत्र में बहुत बदलती है, इसलिए दूर-दूर के इलाकों के बोलने वालों को एक-दूसरे की बात समझने में मुश्किल हो सकती है।
- लिपि: गोंडी आमतौर पर देवनागरी या तेलुगु लिपि में लिखी जाती है। गोंडी के लिए बनी दो लिपियाँ, मसाराम गोंडी और गुंजाला गोंडी, 2017 और 2018 में यूनिकोड में जोड़ी गईं, जिससे इन्हें डिजिटल रूप में लिखा जा सकता है।
- दर्जा: गोंडी संविधान की आठवीं अनुसूची की 22 भाषाओं में शामिल नहीं है।
- अभिवादन: गोंड परिवार एक-दूसरे को "सेवा जोहार" या "जय सेवा" कहकर अभिवादन करते हैं।
गोत्र और सगा
गोंड व्यक्ति की पहचान के कई स्तर हैं: जनजाति, शाखा (उप-जनजाति), गोत्र या कूर, सगा, और दस्तावेज़ों में लिखा जाने वाला सरनेम, जो आमतौर पर गोत्र से ही आता है।
गोत्र मिलकर सगा बनाते हैं। एक सगा के लोग एक ही संख्या के देवों को मानते हैं: चार, पाँच, छह या सात। चारों सगा आमतौर पर नलवेन (4), सैवेन (5), सरवेन (6) और येरवेन (7) कहलाते हैं, और ये नाम गोंडी अंकों से बने हैं। नाम लिखने और बोलने का तरीका क्षेत्र के हिसाब से बदलता है।
कौन-सा गोत्र किस सगा में है, यह हर जगह एक जैसा नहीं होता। अपने परिवार के बुज़ुर्गों से पूछें। सगा व्यवस्था पर हमारे हिंदी लेख में आमतौर पर बताए जाने वाले उदाहरण हैं, क्षेत्रीय फ़र्क की सूचना के साथ।
विवाह के नियम
- समाज के भीतर: परंपरा से गोंड, गोंड समाज में ही विवाह करते हैं (अंतर्विवाह)।
- गोत्र और सगा के बाहर: अपने ही गोत्र में विवाह नहीं होता, और एक ही सगा के गोत्र भाई-गोत्र माने जाते हैं, इसलिए उनके बीच भी विवाह नहीं होता। अलग-अलग सगा के बीच विवाह मान्य है (बहिर्विवाह)।
- शाखाएँ: कई इलाकों में राज गोंड या माड़िया जैसी शाखा भी अपने भीतर ही विवाह करती है। यह क्षेत्र के हिसाब से बदलता है।
ये समाज की परंपराएँ हैं, जैसा परिवार उन्हें बताते हैं। ये कानूनी नियम नहीं हैं, और फ़ैसला परिवार खुद करते हैं।
हमारे विस्तृत लेख
इनमें से हर लेख के साथ उसके स्रोत दिए गए हैं, और हर लेख को गोंड समाज के एक सदस्य ने जाँचा है।
Tribal Hearts पर गोंड परिवार
- आप अपनी जनजाति में गोंड चुनते हैं, फिर अपनी शाखा, गोत्र और उपनाम, उन सूचियों से जो 2011 की जनगणना और समाज से जुड़ी जानकारी से बनी हैं। बात शुरू होने से पहले दूसरा परिवार ये जानकारी देख लेता है।
- Premium सदस्य उपजाति, गोत्र और उपनाम से भी खोज सकते हैं।
- ऐप यह तय नहीं करता कि गोत्र के नियमों के हिसाब से रिश्ता हो सकता है या नहीं। वह जानकारी दिखाता है; फ़ैसला आप और आपके परिवार करते हैं।
- वेरिफिकेशन मुफ़्त है: हमारी टीम का एक सदस्य आपका सरकारी पहचान पत्र और जाति प्रमाणपत्र जाँचता है।
- ऐप हिंदी और अंग्रेज़ी में, Android और iPhone दोनों पर चलता है।
सवाल-जवाब
गोंड खुद को क्या कहते हैं?
कोइतूर। "गोंड" वह नाम है जो सरकारी रिकॉर्ड में और ज़्यादातर दूसरे लोग इस्तेमाल करते हैं।
गोंड कौन-सी भाषा बोलते हैं?
गोंडी, जो एक द्रविड़ भाषा है, समाज की अपनी भाषा है, पर 2011 की जनगणना में 30 लाख से कम लोगों ने इसे अपनी मातृभाषा बताया। कई गोंड परिवार घर में हिंदी, छत्तीसगढ़ी, मराठी, तेलुगु या ओड़िया बोलते हैं।
क्या गोंडी की अपनी लिपि है?
गोंडी आमतौर पर देवनागरी या तेलुगु लिपि में लिखी जाती है। गोंडी की दो लिपियाँ, मसाराम गोंडी और गुंजाला गोंडी, 2017 और 2018 में यूनिकोड में जोड़ी गईं।
गोंड समाज में सगा क्या है?
सगा गोत्रों का एक समूह है, जिसके लोग एक ही संख्या के देवों को मानते हैं: चार, पाँच, छह या सात। एक ही सगा के गोत्र भाई-गोत्र माने जाते हैं।
क्या एक ही सगा के लड़के-लड़की का विवाह हो सकता है?
परंपरा से नहीं। विवाह सिर्फ़ अलग-अलग सगा के बीच मान्य है, और एक ही गोत्र में कभी नहीं। रीति-रिवाज क्षेत्र के हिसाब से बदलते हैं, इसलिए परिवार अपने बुज़ुर्गों से पूछ लेते हैं।
क्या गोंड परिवारों के लिए कोई मैट्रिमोनी ऐप है?
Tribal Hearts आदिवासी परिवारों का मैट्रिमोनी ऐप है, जिसमें गोंड परिवार भी हैं। आप अपनी शाखा, गोत्र और उपनाम जोड़ते हैं, मुफ़्त में वेरिफ़ाई होते हैं, और दूसरे सदस्यों से हिंदी या अंग्रेज़ी में बात करते हैं।
स्रोत
- भारत की जनगणना 2011: अनुसूचित जनजाति और मातृभाषा के आँकड़े, जैसा Gondi people और Gondi language (Wikipedia) में बताया गया है। अलग-अलग स्रोतों में संख्या अलग मिलती है, इसलिए यहाँ गोल आँकड़े दिए गए हैं।
- यूनिकोड स्टैंडर्ड: मसाराम गोंडी (संस्करण 10.0, 2017) और गुंजाला गोंडी (संस्करण 11.0, 2018) के चार्ट; Gondi writing (Wikipedia)।
- क्रिस्टोफ़ फ़ॉन फ़्यूरर-हाइमनडॉर्फ़, The Gonds of Andhra Pradesh: Tradition and Change in an Indian Tribe (1979), सगा (phratry) और गोत्र व्यवस्था पर।
- रानी दुर्गावती (Wikipedia)।
- गोंड पहचान, सगा और विवाह पर Tribal Hearts के हिंदी लेख, जिन्हें गोंड समाज के एक सदस्य ने जाँचा है।
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